अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ और उससे जुडी अन्य जानकारी

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अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन का वार्षिक अंतरराष्ट्रीय श्रम सम्मेलन 28 मई से स्विटजरलैंड के जिनेवा में होगा जिसमें सभी 187 सदस्य देशों के भाग लेने की संभावना है।

अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ

अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ मजदूरों तथा श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए नियम बनाता है। एक त्रिदलीय अंतरराष्ट्रीय संस्था है, जिसकी स्थापना 1919 ई. की शांति संधियों द्वारा हुई और जिसका लक्ष्य संसार के श्रमिक वर्ग की श्रम और आवास संबंधी अवस्थाओं में सुधार करना है।

विवरण – ‘अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ’ अंतरराष्ट्रीय आधारों पर मज़दूरों तथा श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए नियम वनाता है। यह संयुक्त राष्ट्र की विशिष्ट संस्था है।स्थापना   1919

मुख्यालय –जेनेवा, स्विटज़रलैण्ड

उद्देश्य      इस संगठन का उद्देश्य संसार के श्रमिक वर्ग की श्रम और आवास संबंधी अवस्थाओं में सुधार करना है।

विशेष      वर्ष 1969 में इस संगठन को विश्व शांति के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानि किया गया था।

अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ के सदस्य देशो की संख्या- 187 देश

भारत का योगदान– भारत इस संगठन के संस्थापक सदस्य राष्ट्रों में से एक है, और 1922 से उसकी कार्यकारिणी में संसार की आठवीं औद्योगिक शक्ति के रूप में वह अवस्थित रहता रहा है। 1949 में इस संगठन के बजट में भारत का योगदान 3.32 प्रतिशत है, जो संयुक्त राज्य अमरीका, ग्रेट ब्रिटेन, सोवियत संघ, फ़्राँस, जर्मनी के प्रजातंत्र संघ तथा कनाडा के बाद सातवें स्थान पर है।

संस्थाएँ
अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ में तीन संस्थाएँ हैं-
1)साधारण सम्मेलन (जेनरल कॉन्फ्रसें)
2)शासी निकाय (गवर्निंग बॉडी)
3)अंतरराष्ट्रीय श्रम कार्यालय

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