दो साल बाद सामने आया सर्जिकल स्ट्राइक वीडियो

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भारत ने दो साल पहले सर्जिकल स्ट्राइक कर पीओके में आतंकी ठिकानों को खत्म कर दिया था। यह सर्जिकल स्ट्राइक 29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान के आतंकी हमलों पर सख्त कार्रवाई के लिए की गयी थी। इस घटना के करीब 2 साल बाद यानी 27 जून 2018 को इससे जुड़ा एक वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि ये वीडियो उसी सर्जिकल स्ट्राइक का है जिसको अंजाम देकर भारत ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था।

क्या बजह थी सर्जिकल स्ट्राइक की

18 सितंबर 2016 को उड़ी के सेन्य कैंप में पाकिस्तान की तरफ से आतंकी हमला कर दिया गया था जिसमें भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। इसी आतंकी हमले का जवाब देने के लिए इसके 11 दिन बाद सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया।

कैसे बनाया गया वीडियो
सेना ने आतंकियों के कई ठिकानों को खत्म कर दिया और कई आतंकी इसमें ढेर भी हो गए थे। आपको बता दें कि यह वीडियो मानवरहित ड्रोन से बनाया गया था। ड्रोन में थर्मल इमेजिंग का इस्तेमाल किया गया था।

वीडियो की शुरुआत में ही नक्शे पर सर्जिकल स्ट्राइक का निशाना नंबर-1 सामने आता है, फिर ड्रोन से रिकॉर्ड की गई तस्वीर में इस पर निशाने की जानकारी देने वाले अहम डेटा दिखे। अगले पल हेलमेट पर लगे कैमरे से ली गई, उसी निशाने की तस्वीर आई। वहां घुसपैठ की तैयारी कर रहे कुछ आतंकी भी दिखे। इसके बाद इस निशाने पर हमले के वक्त और उससे पहले की तस्वीर एक साथ दिखी। फिर सामने आता है एक झोपड़ी नुमा कैंप की तबाही, जिसे धमाके से उड़ा दिया गया। इसके बाद कई एक के बाद एक धमाके हुए, जिसमें आतंकियों का लॉन्चिंग पैड पूरी तरह से तबाह हो गया। ये तबाही ड्रोन से रिकॉर्ड हुए वीडियो में भी दिखी।

सर्जिकल स्ट्राइक के एक दिन बाद तत्कालीन डायरेक्टर जनरल ऑफ ऑपरेशनंस रणबीर सिंह ने उस घटना की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा था कि पीओके के आसपास आतंकी पैड को खत्म करने के लिए सेना ने सर्जिकल स्ट्राइको को अंजाम दिया है। इसके बाद देश में स्ट्राइक की सफलता को लेकर जश्न मनाया गया था। इस पर एक डॉक्यूमेंट्री भी बनाई गई थी जिसमें सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का जिक्र किया गया था।

सर्जिकल स्ट्राइक क्या है?
सर्जिकल स्ट्राइक एक ऐसी सैन्य कार्रवाई है जिसमें एक से अधिक सैन्य लक्ष्यों को नुकसान पहुंचाया जाता है और उसके बाद हमला करने वाली सैनिक इकाई तुरंत वापस लौट आती है जहां भी सर्जिकल स्ट्राइक किया जाता है वहां के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाई जाती है। उसके बाद समय तय किया जाता है कि सर्जिकल स्ट्राइक कब करना है। इस अभियान की जानकारी बेहद गोपनीय रखी जाती है।

सर्जिकल स्ट्राइक में इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि जिस जगह या इलाके में आतंकी या दुश्मन छिपे हुए हैं सिर्फ उसी जगह को निशाना बनाया जाए। भारतीय सेना ने जो सर्जिकल स्ट्राइक की है उसमें भी यही हुआ है कि आतंकी ठिकानों और आतंकियों को भारी नुकसान पहुंचा। हमले में कई आतंकी मारे गए।

पिछले साल जून में भी भारतीय सेना ने म्यांमार में दाखिल होकर पूर्वोत्तर में सक्रिय उग्रवादी गुट एनएससीएन  के शिविरों को निशाना बनाया था। हमले में उग्रवादियों को सेना ने मार गिराया था। उग्रवादी संगठन एनएससीएन पर हमला करते समय भारतीय सेना म्‍यांमार सीमा में सैंकड़ों मीटर तक अंदर चली गई थी। सेना की 12 पैरा ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पिलर 151 के पास चेन मोहो गांव के पास से म्‍यांमार में प्रवेश किया था।

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