10 अगस्त को हुआ था देश के चौथे राष्ट्रपति वी वी गिरि का जन्म

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देश के चौथे राष्ट्रपति वी वी गिरि का जन्म 1894 में हुआ था। उन्होंने देश की आज़ादी में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनसे सम्बंधित कई रोचक तथ्य है जिनके बारें में हम आज आपको बताएँगे।

जन्म स्थान और निजी जीवन

वी वी गिरि का पूरा नाम वाराहगिरि वेंकट गिरि (Varahagiri Venkata Giri) था। इनका जन्म 10 अगस्त 1894 को ओडिशा के गंजम जिले के बहरामपुर में हुआ था। उनका जन्म एक तेलुगु भाषी ब्राहमण परिवार में हुआ था। उनके पिता वराहगिरी वेंकट पांटुलु पेशे से एक वकील और इंडियन नेशनल कांग्रेस के प्रमुख नेता थे। उनकी मां का नाम सुभद्राअम्मा था। वह एक क्रांतिकारी महिला थी और उन्होंने गांधी जी के असहयोग आन्दोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका निभायी थी।

V.V. Giri का आजादी में योगदान 

V.V. Giri ने भारत में कई ट्रेड यूनियनों की स्थापना की थी। जिस वजह से श्रमिकों के बीच उनकी अच्छी खासी पहचान थी। साल 1916 में उन्होंने पहली बार कांग्रेस के किसी अधिवेशन में भाग लिया था। कांग्रेस का यह अधिवेशन लखनऊ में था। ऐनी बेसेंट के होमरुल लीग आन्दोलन में भी उन्होंने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। गांधी जी के असहयोग आन्दोलन के समय उन्हें पहली बार गिरफ्तार किया गया।
V.V. Giri ने साल 1931-1932 में लंदन में आयोजित दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लिया और साल 1934 में उन्हें इम्पीरियल लेजिस्लेटिव असेंबली का सदस्य चुना गया। वे 1937 तक इस असेंबली के सदस्य रहे। 1934 में हुए आम चुनाव(British Government) में उन्होंने कांग्रेस की तरफ से चुनाव लड़ा। वह यह चुनाव जीत गए और मद्रास प्रेसीडेंसी में उन्हें श्रम और उद्योग मंत्री बनाया गया। इसके बाद साल 1938 में वह Indian National Congress की प्लानिंग कमिटी के गवर्नर भी चुने गए।

जब अंग्रेजों ने यह फैसला लिया कि भारतीय सेना द्वितीय विश्व युद्ध में भाग ले तो, इस फैसले का कांग्रेस पार्टी के सदस्यों ने जमकर विरोध किया। कांग्रेस के सभी सदस्यों की तरह वी वी गिरी ने भी 1942 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। फिर उन्होंने गांधी जी के भारत छोड़ो आंदोलन में अपनी सक्रिय भूमिका निभायी। सभी क्रांतिकारियों की तरह उन्हें भी गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। इस दौरान उन्हें 3 साल की सजा दी गयी। इसके बाद साल 1946 के आम चुनावों में उन्हें फिर से श्रम मंत्री चुना गया।

आजादी के बाद 

भारत की आजादी के बाद वी वी गिरी को श्रीलंका में भारत का उच्चायुक्त नियुक्त किया गया। वहां से अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद उन्हें पहली बार साल 1952 में लोकसभा का सदस्य चुना गया। इस दौरान वह केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य और साल 1954 तक भारत के श्रम मंत्री भी रहे।

लोकसभा में अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद उन्होंने 1957 में इंडियन सोसाइटी ऑफ लेबर इकोनॉमिक्स” की स्थापना की। इसके बाद उन्होंने साल 1957-1960 में उन्हें उत्तर प्रदेश, फिर 1960-1965 तक केरल का और अंत में 1965-1967 तक वह मैसूर के राज्यपाल भी नियुक्त किये गए। साल 1967 में उन्हें भारत के उप राष्ट्रपति पद के लिए भी निर्वाचित किया गया।

भारत के चौथे राष्ट्रपति 

साल 1969 में जब तत्कालीन राष्ट्रपति जाकिर हुसैन का असमय निधन हो गया। तब उन्हें भारत का कार्यवाहक राष्ट्रपति नियुक्त किया गया। जब उन्हें भारत का चौथा राष्ट्रपति बनाया जा रहा था, तब उनकी पार्टी के कुछ सदस्यों ने इसका विरोध किया। इस विरोध के बावजूद वह भारत के चौथे राष्ट्रपति चुने गए। वह इस पद पर साल 1974 तक रहे।

सम्मान 

श्रमिकों के प्रति उनके योगदान और प्रयासों की वजह से उन्हें साल 1975 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 1974 में भारत सरकार के श्रम मंत्रालय ने श्रम से सम्बंधित मुद्दों पर शोध और परमर्श के लिए के स्वायत्त संस्था की स्थापना की थी। जिसे साल 1995 में वी. वी गिरी के सम्मान में V.V.Giri राष्ट्रीय श्रम संस्थान रखा गया।

मृत्यु 

V.V. Giri जीवनपर्यंत श्रमिकों के हितों के लिए संघर्ष करते रहे। 85 साल की उम्र में 24 जून 1980 को उनका निधन चेन्नई में हुआ था। उन्होंने कई पुस्तकों की रचनाएं की जिनमे से ‘इंडस्ट्रियल रिलेशन’ और ‘लेबर प्रॉब्लम इन इंडियन इंडस्ट्री प्रमुख थी।

10 अगस्त को हुई भारतीय एवं विश्व इतिहास की प्रमुख अन्य घटनाएं इस प्रकार हैं।
1664–आॅस्ट्रिया और तुर्की के बीच वासवार शांति समझौते पर हस्ताक्षर।
1678–हाॅलैंड और फ्रांस के बीच निजम्गेन शांति समझौत पर हस्ताक्षर।
1759–कार्लोस तृतीय स्पेन का सम्राट बना।
1787–तुर्की ने रुस से स्वतंत्रता हासिल की।
1809–इक्वाडोर ने स्पेन से स्वतंत्रता हासिल की।
1822–सीरिया में विनाशकारी भूकंप से 20 हजार लोगों की मौत।
1831–कैरेबियाई द्वीप समूह बारबाडोस में चक्रवाती तूफान से डेढ़ हजार लोगों की मौत।
1860–प्रख्यात संगीतकार विष्णु नारायण भातखंडे का जन्म।
1926–इटली और स्पेन के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर।
1979–उपग्रह प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 प्रक्षेपित।
1980–भारत की पहली महिला संगीतकार सरस्वती देवी का निधन।
1995–प्रसिद्ध लेखक और व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई का निधन।
2000–श्रीलंका में सिरीमावो भंडारनायके का प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा, आर. विक्रमानयके श्रीलंका के नये प्रधानमंत्री नियुक्त।
2001–अमेरिकी प्रक्षेपास्त्र प्रणाली को रूस का सशर्त समर्थन।
2004–संयुक्त राष्ट्र और सूडान के बीच दारफुर कार्ययोजना पर हस्ताक्षर।
2006–तमिल विद्रोहियों पर फ़ौजी कार्रवाई में श्रीलंका में 50 नागरिक मारे गये।

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